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रंग बिरंगी रोशनी व आतिशबाज़ी के बीच मनाया गुरु का ताल पर प्रकाशपर्व


आगरा : सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी जिनका की 547 वा प्रकाश पुरब भारत वर्ष ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में आज के दिन हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इसी उपलक्ष्य में ऐतहासिक स्थान गुरुद्वारा गुरु का ताल में आज प्रातः से श्रद्धालुओं का सैलाव उमड़ा रहा जो अपने गुरु के आगे नतमस्तक होकर अपने को धन्य मान रहे थे| वही इस अवसर पर की गयी मनोहारी विधुत सज्जा बर्बस ही आकर्षित कर रही थी। दूसरी तरफ गगन भेदी आतिशबाजी से मानो की सहर ठहर सा गया हो ।

उमड़ा श्रद्धालुओ का सैलाव
सुबह 4 बजे दरबार हाल में श्री गुरु ग्रन्थ साहेब का प्रकाश किया गया तदुपरांत सम्पूर्ण आसा दी वार दा कीर्तन किया गया। उसके पश्चात् इस अवसर पर विशेष रूप से दिल्ली से पधारे भाई रणजीत सिंह ने कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। इस अवसर पर सुबह गुरुद्वारा मंजी साहेब में रखे गए श्री अखंड पाठ साहेब का भोग पड़ा। अंत में बाबा प्रीतम सिंह आई संगत का जी आया नु आते आई संगत का धन्यवाद किया ।

लंगर का विशाल इंतजाम
इस अवसर पर 1 लाख से ऊपर संगत के लंगर के लिए

  • दाल - 6 क्विंटल
  • बेसन कड़ी-3 क्विंटल
  • राजमा-3 क्विंटल
  • आटा - 60 क्विंटल
  • लडडू -20 क्विंटल
  • मॉल पुए -50 क्विंटल
  • सब्जी में आलू - 3 क्विंटल
  • मटर-2 क्विंटल
  • पकोड़े-3 क्विंटल
  • चावल- 30 क्विंटल


आतिशबाज़ी ने मनमोहा
इसके अतिरिक्त लगर बरतने के किये सितार गंज ,शाह जहा पुर, पंजाब ,पीली भीत से 300 से उपर सेवदार पहुंचे । संत बाबा प्रीतम सिंह  द्वारा रिमोट दवा कर 10 बजे आतिशबाजी का प्रारम्भ हुआ| सबसे पहले श्री गुरु नानक देव जी दे प्रकाश पुरब दी लख लख बधाईया, 21 तोपो की सलामी के अतिरिक्त सर्जिकल स्ट्राइक मुख्य आकर्षण का केंद्र थी जिसमे दुश्मन के घर में घुस कर आक्रमण करना, 100 से उपर आईटम सब एक से बाद कर एक और हर आइटम 500 से 1000 धमाके। उपस्थित जन समूह जो बोले सो निहाल के जय जयकारो से गूंजयमान हो रहे थे ।

ये रहे मौजूद
संत बाबा प्रीतम सिंह के अलावा जथेदार राजेंद्र सिंह, पाल सिंह, सतनाम सिंह, ग्रंथी बाबा ईस्वर सिंह, हरबंस सिंह ,सुशील सिंह, टीटू सिंह ,हरनाम सिंह, बलविंदर सिंह, हर पाल सिंह, जोगा सिंह राजवीर सिंह, नरेंदर सिंह खनूजा, मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह एवं समन्वयक बन्टी ग्रोवर का विशेष सहयोग रहा|

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