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275 रु० मे परिजनो से मिल सकती थी माँ पर रेलवे ने किया बेसहारा... जाने क्यो

आगरा : अपनो से बिछड़े को मिलाने की कड़ी में एक बार फिर रामलाल वृद्धाश्रम सेक्टर 10 ने एक सार्थक प्रयास किया। लगभग 25 मई को केन्ट रेलवे स्टेशन पर बुकारो स्टील सिटी से आगरा में एक 50 वर्षीय महिला अज्ञानता वश रेल से उतर गयी और अपने परिवार से बिछुड़ गयी, तो जिसको जीआरपीएफ पुलिस ने संबंधित ट्रैन में न बैठाकर बल्कि आवास विकास स्थित रामलाल वृद्धाश्रम पहुंचा दिया। जबकि अगर रेलवे पुलिस चाहती तो एक 275 रुपये की रेल टिकट खरीदवा कर उसके शहर की ट्रेन मे बैठा सकती थी परंतु ऐसा नहीं किया गया और उसे आश्रम मे शरण के लिए पहुंचा दिया गया| 

महिला तो यात्रा का टिकट दे कर विदा करते हुए
जब ये बात आश्रम के संस्थापक हरिप्रसाद सारस्वत के संज्ञान में आई तो उन्होंने महिला से उसके घर के पते के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उसके दो बेटे है और वो बुकारो स्टील सिटी में रहती है अगर उसे रेल में बैठाकर भेज दिया जाए तो वो अपने घर पहुंच सकती है। आश्रम संस्थापक ने देर न करते हुए महिला को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी बिग पेजेस फाउंडेशन के अध्यक्ष विमल कुमार को सौंपी। 

टिकट
विमल कुमार ने महिला की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्वयं फिरोजाबाद स्टेशन जाकर महिला को टिकट व खाद्य सामग्री देकर नीलांचल एक्सप्रेस ट्रेन में बैठाया। इतने दिनों बाद महिला को अपने परिवार से मिलने की खुशी देखते ही बनती थी। महिला का कहना था कि आश्रम में इतने दिन रहने के बाद उन्हें आश्रम की याद आएगी और वो अपने बच्चो द्वारा चिट्ठी लिखवा कर भेजेगी। आश्रम से महिला को जाते समय सभी ने उन्हें भीगी पलको से विदाई दी।

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