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आपको भी नहीं पता होंगी अटल बिहारी वाजयेपी से जुड़ी ये 10 बातें...



  1. वाजपेयी की पढ़ाई-लिखाई उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई। छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। कानपुर से पोस्टग्रैजुएशन करने के बाद उन्होंने एलएलबी में दाखिला लिया लेकिन फिर पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वह आजादी के आंदोलन में सक्रिय हो गए। अगस्त 1942 में उन्हें भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 23 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया।
  2. अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में थे। वह 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे थे।
  3. 1957 में जनसंघ ने उन्हें तीन लोकसभा सीटों लखनऊ, मथुरा और बलरामपुर से चुनाव लड़ाया। इनमें से बलरामपुर (जिला गोण्डा, उत्तर प्रदेश) से चुनाव जीतकर वह पहली बार लोकसभा पहुंचे।
  4. 1977 में केंद्र में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। वाजपेयी उस सरकार में विदेश मंत्री बनाए गए। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में हिंदी में भाषण दिया, ऐसा करने वाले वह देश के पहले नेता बने।
  5. वाजपेयी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ कवि भी थे। 'मेरी इक्यावन कविताएं' वाजपेयी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है। जगजीत सिंह के साथ उन्होंने दो ऐल्बम 'नई दिशा' (1999) और 'संवेदना' (2002) भी रिलीज कीं। वाजपेयी लंबे समय तक राष्ट्र धर्म, पांचजन्य और वीर-अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के संपादक रहे।
  6. वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। पहली बार 16-31 मई 1996, इसके बाद 1998 से 1999 तक और फिर 1999 से लेकर 2004 तक।
  7. अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे|
  8. अटल बिहारी वाजपेयी ने 2005 में सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था।
  9. 2015 में उन्हें भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  10. अटल बिहारी वाजपेयी को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 1992 में उन्हें पद्म विभूषण, 1994 में लोकमान्य तिलक पुरस्कार, 1994 में श्रेष्ठ सांसद पुरस्कार और 1994 में ही गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार से नवाजा गया।